
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाविद्यालय मनावर में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर आधारित एक गरिमामय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों एवं ज्ञान के प्रति श्रद्धा का भाव जागृत करना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मुख्य अतिथि रमेश कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा प्रदान कर व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि अंकित शुक्ला ने विज्ञान, तकनीकी विकास एवं आधुनिक जीवनशैली पर अपने विचार रखते हुए कहा कि विज्ञान ने मानव जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इसके साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति एवं गुरुजनों के मार्गदर्शन को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य आर.सी. पाटेल ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक कठिन मोड़ पर उचित मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक सुरेश कउचे ने किया, जबकि एम.एस. अजनार ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के मीडिया प्रभारी यशराज तोमर, वरिष्ठ प्राध्यापक के.एस. वास्केल, डॉ. आई.एस. सस्त्या सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

